रायपुर, 12 मई 2026: डिजिलॉकर एकीकरण में उत्कृष्ट योगदान के लिए पांच राज्यों को सम्मानित किया गया।
मान्यता प्राप्त राज्यों ने कई विभागीय सेवाओं के साथ डिजिलॉकर को एकीकृत करने में अनुकरणीय प्रदर्शन किया, जिससे दस्तावेज़ों तक पहुंच आसान हो गई, भौतिक सत्यापन की आवश्यकताएं कम हो गईं और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) के माध्यम से नागरिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (एनईजीडी) सार्वजनिक सेवाओं की सुचारु और कुशल डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए देश भर में नागरिक सेवाओं के साथ डिजिलॉकर को एकीकृत करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।

डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत एनईजीडी ने विभिन्न राज्य डिजिटल सेवा प्लेटफार्मों के साथ डिजिलॉकर के एकीकरण को सुगम बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। इस क्षेत्र में अनुकरणीय पहलों को मान्यता देते हुए डिजिलॉकर एकीकरण में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पांच राज्यों को कल सम्मानित किया गया।
यह सम्मान ‘राज्य डेटा के लिए साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने पर राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला’ के दौरान प्रदान किया गया।
इस कार्यक्रम के दौरान पांच राज्यों- गुजरात, कर्नाटक, केरलम, नागालैंड और राजस्थान- के अधिकारियों और एसईएमटी टीमों को राज्य सरकार की सेवाओं में बड़े पैमाने पर डिजिलॉकर एकीकरण और इसे अपनाने में उनके असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
यह सम्मान एमईआईटीवाई के डिजिटल गवर्नेंस डिवीजन के संयुक्त सचिव और एनईजीडी के अध्यक्ष एवं सीईओ नंद कुमारम द्वारा एमईआईटीवाई के संयुक्त सचिव के.के. सिंह, सीईआरटी-आईएन के महानिदेशक डॉ. संजय बहल, एनआईसी के एचओजी वी.टी.वी. रमना और एमईआईटीवाई के साइबर सुरक्षा डिवीजन की महाप्रबंधक सविता उट्रेजा की उपस्थिति में प्रदान किया गया।