रायपुर 29 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर से वर्चुअल माध्यम से सरगुजा अंचल में आयोजित जनजातीय समाज के महान जननायक, प्रख्यात अभियंता एवं पूर्व सांसद बाबा कार्तिक उरांव के जन्मशताब्दी समारोह में शामिल होकर उनकी भव्य आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, डिगमा, अंबिकापुर का नामकरण ‘अभियंता बाबा कार्तिक उरांव छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी अंबिकापुर’ करने की महत्वपूर्ण घोषणा की।

साय ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव का जीवन शिक्षा, संघर्ष, सामाजिक चेतना और जनजातीय समाज के स्वाभिमान की प्रेरक गाथा है। उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने और समाज तथा राष्ट्र की सेवा करने की प्रेरणा देते रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सीतापुर क्षेत्र को अधोसंरचना विकास की महत्वपूर्ण सौगात देते हुए सोनतराई से सूर तक लगभग 3.82 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस सड़क के निर्माण पर 28 करोड़ रुपए से अधिक की राशि व्यय की जाएगी। इसके निर्माण से सीतापुर नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होगा तथा व्यापारिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा नवनिर्मित महिला एनजीओ मेस भवन, उदयपुर में 12 अराजपत्रित अधिकारी आवास एवं 12 प्रधान आरक्षक तथा आरक्षक आवास और थाना सीतापुर में 12 प्रधान आरक्षक तथा आरक्षक आवासीय भवनों का लोकार्पण भी किया।
साय ने कहा कि राज्य सरकार के तीन वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस अवधि में प्रदेश में विकास, जनकल्याण और सुशासन की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। विशेष रूप से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में मिली सफलता ने बस्तर के दूरस्थ अंचलों में शांति, विश्वास और विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के जनजातीय भाई-बहनों को चार दशकों से अधिक समय तक नक्सलवाद की गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ा। नक्सली हिंसा के कारण अनेक दुर्गम क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाना कठिन था। विकास कार्यों में बाधाएँ उत्पन्न होती थीं और स्थानीय नागरिकों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था।