जगदलपुर, 17 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर जिले में कुल 86 महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन सड़कों की कुल लंबाई 235.45 किलोमीटर है और इनकी अनुमानित लागत लगभग 250 करोड़ रुपये है।
इन सड़कों का निर्माण एक ऐसे कदम के रूप में देखा जा रहा है जो इस क्षेत्र में ग्रामीण कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के संकल्प को दर्शाता है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, आज बस्तर की विकास यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ गया, क्योंकि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के तहत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर कार्यों की शुरुआत की गई।

इस अवसर पर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर से वर्चुअल माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।
कार्यक्रम के दौरान बस्तर जिले की कुल 86 महत्वपूर्ण सड़क कार्यों की आधारशिला रखी गई, जिनकी कुल लंबाई 235.45 किलोमीटर और अनुमानित लागत लगभग 250 करोड़ रुपये है।
समारोह में उपस्थित अतिथियों ने गरिमामयी वातावरण के बीच इन सड़कों के निर्माण का औपचारिक शिलान्यास किया, जो क्षेत्र की ग्रामीण कनेक्टिविटी को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का संकल्प है।
जगदलपुर में आयाजित समारोह के सीधा प्रसारण दौरान विधायक चित्रकोट विनायक गोयल ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि ये सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं बल्कि ग्रामीणों के जीवन में समृद्धि लाने का मार्ग बनेंगी।
उन्होंने इन कार्यों के लिए शासन का आभार प्रकट करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे में यह सुधार स्थानीय सामुदायिक जुड़ाव को और सशक्त करेगा।
इसी कड़ी में जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विजन को याद करते हुए बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की दूरगामी सोच से आज बस्तर की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सड़कों के माध्यम से हर ग्रामीण तक शुद्ध पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाना है।
इस अवसर पर जिला पंचायत के उपाध्यक्ष बलदेव मंडावी, जगदलपुर नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
विकास की यह लहर जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों और ब्लॉकों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। लोहंडीगुड़ा, दरभा, बास्तानार और तोकापाल जैसे क्षेत्रों में स्वीकृत सड़कों से कनेक्टिविटी की दशकों पुरानी आवागमन की दिक्कतें दूर होगी।
इस अवसर पर कलेक्टर आकाश छिकारा ने उपस्थित अधिकारियों और इंजीनियरों को इन परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए, ताकि बस्तर का हर निवासी एक विकसित और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में अपना योगदान दे सके।