रायपुर, 06 मई 2026: पद्मश्री सम्मान से अलंकृत वरिष्ठ समाजसेवी फुलबासन बाई यादव के साथ हुई राजनांदगांव में अपहरण कि कोशिश घटना को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अत्यंत गंभीरता से लिया है।
मुख्यमंत्री साय ने आज सुबह स्वयं दूरभाष पर फुलबासन बाई से चर्चा कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा घटना की जानकारी ली।
साय ने आश्वस्त किया कि इस मामले की हर पहलू से गहन जांच की जाएगी। दोषी चाहे जो हो, बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को इस संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए हैं।
पद्मश्री फुलबासन बाई यादव ने घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री साय और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया।
सूत्रों ने बताया कि बेमेतरा की रहने वाली एक महिला खुशबू साहू कल 10.30 बजे फूलबासन बाई से मिलने के लिए उनके घर सुकुलदैहान, राजनांदगांव आई। खुशबू के साथ तीन और लोग थे। इस दौरान उन्होंने फूलबासन से कहा कि बाहर कार में बैठी एक दिव्यांग महिला उनके साथ सेल्फी लेना चाहती है। जब फूलबासन कार में बैठीं, तो कार तेजी से आगे बढ़ गई। आरोपियों ने कथित तौर पर उनके हाथ बांध दिए और कपड़े से उनका मुंह बंद कर दिय और उन्हें लेकर रवाना हो गए।
इस दौरान वाहनों की नियमित जांच कर रही ट्रैफिक पुलिस की एक टीम ने राजनांदगांव-खैरागढ़ सड़क पर चिखली पुलिस चौकी के पास कार को रोक लिया। आरोपियों ने पुलिसकर्मियों से कहा कि जिस महिला के हाथ बंधे थे और मुंह बंद था, वह मिर्गी की मरीज है, लेकिन पुलिसकर्मियों में से एक ने फूलबासन बाई यादव को पहचान लिया और उन्हें बचा लिया।