रायपुर 30 अप्रैल 2026: भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सहयोग से संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (डीओटी) द्वारा देशभर में मोबाइल आधारित आपदा संचार प्रणालियों को मजबूत किया जा रहा है ताकि नागरिकों तक महत्वपूर्ण जानकारी समय पर पहुंचाई जा सके।
एनडीएमए ने सफलतापूर्वक एकीकृत अलर्ट सिस्टम (SACHET) को क्रियान्वित किया है, जिसे दूरसंचार विभाग के प्रमुख अनुसंधान एवं विकास केंद्र सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) द्वारा विकसित किया गया है।
यह प्रणाली अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) द्वारा अनुशंसित कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (सीएपी) पर आधारित है। यह वर्तमान में भारत के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित है और भू-लक्षित क्षेत्रों में मोबाइल उपयोगकर्ताओं को एसएमएस के माध्यम से आपदा और आपातकालीन अलर्ट पहुंचाती है।
आपदा प्रबंधन अधिकारियों द्वारा इस प्रणाली का व्यापक रूप से उपयोग किया गया है, जिसके माध्यम से अब तक प्राकृतिक आपदाओं, मौसम चेतावनियों और चक्रवाती घटनाओं के दौरान 19 से अधिक भारतीय भाषाओं में 134 बिलियन से अधिक एसएमएस अलर्ट भेजे जा चुके हैं।
समय-संवेनशील परिस्थितियों जैसे सुनामी, भूकंप, बिजली गिरने और गैस रिसाव या रासायनिक खतरे जैसी मानव-निर्मित आपात स्थितियों में अलर्ट प्रणाली को और मजबूत करने के लिए एसएमएस के साथ-साथ सेल ब्रॉडकास्ट (सीबी) तकनीक भी शुरू की गई है।
सेल ब्रॉडकास्ट प्रणाली में, एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र के भीतर सभी मोबाइल उपकरणों पर एक साथ अलर्ट भेजे जाते हैं, जिससे लगभग रियल-टाइम में सूचना पहुंचती है। इस सेल ब्रॉडकास्ट आधारित सार्वजनिक आपातकालीन अलर्ट प्रणाली के स्वदेशी विकास और कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सी-डॉट को सौंपी गई है।
देशभर में इसके कार्यान्वयन और सेल ब्रॉडकास्ट सुविधा के शुभारंभ के तहत, औपचारिक शुरुआत से पहले इसकी कार्यक्षमता और विश्वसनीयता का आकलन करने के लिए व्यापक परीक्षण और ट्रायल किए जा रहे हैं। इस दौरान लोगों को अपने मोबाइल पर अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में टेस्ट संदेश प्राप्त हो सकते हैं।
ये “टेस्ट संदेश” केवल उन्हीं मोबाइल उपकरणों पर प्राप्त होंगे जिनमें सेल ब्रॉडकास्ट टेस्ट चैनल सक्षम है (उपयोगकर्ता अपने मोबाइल में सेटिंग्स → सेफ्टी एंड इमरजेंसी → वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट → टेस्ट अलर्ट के माध्यम से इन्हें चालू या बंद कर सकते हैं)। परीक्षण के दौरान नेटवर्क की पूरी कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के लिए एक ही उपयोगकर्ता को कई संदेश मिल सकते हैं।
ये संदेश एक योजनाबद्ध राष्ट्रीय परीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा हैं और इन पर किसी प्रकार की कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है।
टेस्ट संदेश का प्रारूप इस प्रकार होगा:
यह एक टेस्ट सेल ब्रॉडकास्ट संदेश है, जिसे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने दूरसंचार विभाग (DoT), भारत सरकार के साथ मिलकर सेल ब्रॉडकास्ट समाधान के परीक्षण के तहत भेजा है। परीक्षण के दौरान आपको यह संदेश अपने मोबाइल पर कई बार प्राप्त हो सकता है। कृपया इन संदेशों को अनदेखा करें, आपकी ओर से कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है।
सफल परीक्षण और पूर्ण रूप से लागू होने के बाद, यह प्रणाली सभी मोबाइल हैंडसेट पर-टेस्ट चैनल सेटिंग्स की परवाह किए बिना-कई भारतीय भाषाओं में अलर्ट प्रसारित करेगी, जिससे वास्तविक आपात स्थितियों में व्यापक और समावेशी पहुंच सुनिश्चित होगी।
दूरसंचार विभाग ने इस महत्वपूर्ण परीक्षण चरण के दौरान आम जनता से सहयोग की अपील की है और स्पष्ट किया है कि इस अवधि के सभी टेस्ट संदेश केवल प्रणाली की जांच के लिए हैं, जिन पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई आवश्यक नहीं है।