किसानों के हित में बड़ा फैसला

    नई दिल्ली, 30 सितम्बर 2026: केंद्र सरकार ने मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक राज्यों में प्रमुख दलहन और तिलहन फसलों की खरीद के लिए कुल 5,547.99 करोड़ रुपए की न्यूनतम समर्थन मूल्य राशि की खरीददारी का अनुमोदन प्रदान किया है।

     केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने आज कहा कि इस निर्णय का सीधा उद्देश्य बाजार में फसलों की कीमतों में गिरावट से किसानों का बचाव करना और उन्हें उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित कराना है। 

     केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के कल्याण, उनकी आय में वृद्धि और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही है। सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि अन्नदाता को उसकी उपज का उचित दाम मिले और इसके लिए खरीद तंत्र को पहले से अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाया जा रहा है। ​इस अनुमोदन के तहत तीन प्रमुख राज्यों के किसानों से विभिन्न फसलों की बड़े पैमाने पर खरीद की जाएगी।

Union Agriculture Minister Shiv Raj Singh Chouhan

     उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए सबसे बड़ा हिस्सा तय करते हुए कुल 3,992.57 करोड़ रूपए की खरीद को शिवराज सिंह चौहान द्वारा हरी झंडी दी गई है। इसके तहत राज्य में 3,937.70 करोड़ रूपए मूल्य की 4,66,000 मीट्रिक टन तुअर और 54.87 करोड़ रूपए मूल्य की 6,250 मीट्रिक टन मूंग की खरीद समर्थन मूल्य पर की जाएगी। ​

     कर्नाटक के दलहन और तिलहन उत्पादक किसानों के लिए 1,107 करोड़ रूपए की उपज खरीद का अनुमोदन किया गया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह द्वारा दी गई मंजूरी से कर्नाटक में 659.27 करोड़ रूपए मूल्य की 1,15,500 मीट्रिक टन सोयाबीन, 335.83 करोड़ रूपए मूल्य की 38,250 मीट्रिक टन मूंग तथा 111.90 करोड़ रूपए मूल्य की 13,413 मीट्रिक टन सूरजमुखी की खरीद मूल्य समर्थन योजना के तहत की जाएगी। 

​इसके साथ ही, तेलंगाना के किसानों के हित में कुल 448.42 करोड़ रूपए की खरीद को केंद्रीय मंत्री चौहान द्वारा स्वीकृति दी गई है। इसमें 353.90 करोड़ रूपए मूल्य की 62,000 मीट्रिक टन सोयाबीन और 94.52 करोड़ रूपए मूल्य की 10,766 मीट्रिक टन मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीद शामिल है। 

     ​चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि देश में दलहन और तिलहन के उत्पादन को बढ़ावा देकर भारत को खाद्य तेलों और दालों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी मील का पत्थर साबित होगा।

     उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी उपार्जन केंद्रों पर खरीद की व्यवस्थाएं पारदर्शी रहेंगी और किसानों को उनकी उपज की राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में समयबद्ध तरीके से किया जाएगा।