अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 का मुख्य कार्यक्रम  21 जून को कोलकाता में

     रायपुर, 27 मई 2026: केंद्रीय आयुष और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने आज घोषणा की कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) 2026 का मुख्य आयोजन 21 जून को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में होगा।

     जाधव ने आगे बताया कि इस वर्ष के आयोजन का विषय “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” है, जो शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक कल्याण और स्वस्थ वृद्धावस्था को बढ़ावा देने में योग की भूमिका को उजागर करता है।

     यह घोषणा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, खजुराहो स्थित पश्चिमी मंदिर समूह में आयोजित योग महोत्सव 2026 के दौरान की गई, जो अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के लिए 25 दिनों की काउंटडाउन की शुरुआत का प्रतीक है। आयुष मंत्रालय के मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों योग प्रेमियों ने कॉमन योगा प्रोटोकॉल के सामूहिक प्रदर्शन में भाग लिया।

     प्रतापराव जाधव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की पारंपरिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत कोलकाता, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के मुख्य समारोह की मेजबानी करेगा।

     मंत्री ने योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने पर जोर दिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में आयुष मंत्रालय निरंतर जन भागीदारी और प्रयासों के माध्यम से योग को हर गांव, घर, विद्यालय, कार्यालय और समुदाय तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।

     केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर पर ऑनलाइन पंजीकरण को सुगम बनाने और वर्ष 2026 के लिए जनभागीदारी को मजबूत करने हेतु योग संगम पोर्टल का पुनः शुभारंभ किया और राज्यों एवं संस्थानों में योग के लिए समर्पित स्थान विकसित करने हेतु योग पार्क पोर्टल का शुभारंभ किया।

     उन्होंने योग, स्वास्थ्य और कल्याण के संदेश को बढ़ावा देने वाली एक नई डिज़ाइन की गई योग टी-शर्ट का भी अनावरण किया और बताया कि योग 365 अभियान के अंतर्गत 100 दिवसीय नि:शुल्क योग प्रशिक्षण कार्यक्रम में दो लाख से अधिक व्यक्तियों ने भाग लिया है और योग मित्र प्रमाण पत्र प्राप्त किया है।

     मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए और अपने वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि योग और खजुराहो भारत की सांस्कृतिक विरासत के अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग मानकर इसे अपना रही है, जिससे एक स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में योगदान मिल रहा है।