रायपुर, 19 दिसम्बर 2025: निर्वाचन आयोग ने आगामी 23 दिसंबर को मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) प्रकाशित करने जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों के लिए अपने मताधिकार की पुष्टि करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।
चुनाव आयोग सूत्रों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) का पहला महत्वपूर्ण चरण पूरा हो चुका है।
जानकारी के अनुसार 4 नवंबर से 18 दिसंबर 2025 तक चलाए गए गणना और घर-घर सत्यापन का कार्य संपन्न हो गया है। अब इस विशेष अभियान के तहत जिले भर में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर व्यापक सर्वे किया गया। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) की मौजूदगी में सूचियों का मिलान किया गया ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

उन्होंने बताया कि 23 दिसंबर को प्रारूप प्रकाशन के साथ ही दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी, जो 22 जनवरी 2026 तक जारी रहेगी।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2026 को आधार तिथि मानते हुए, जो भी नागरिक 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे हैं, वे अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं।
मतदाताओं की सुविधा के लिए आयोग ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही विकल्प खुले रखे हैं। नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल (https://voters.eci.gov.in/) मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ की वेबसाइट या ECINET मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे अपना नाम चेक कर सकते हैं और आवेदन कर सकते हैं।
यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में छूट गया है, तो वे फॉर्म 6 भरकर आवेदन कर सकते हैं। इसी तरह यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में है या किसी नाम पर आपत्ति है, तो फॉर्म 7 और यदि नाम या अन्य विवरण में कोई त्रुटि है जिसे सुधरवाना है, तो फॉर्म 8 का उपयोग किया जा सकता है।
आयोग ने जन्म तिथि के प्रमाणन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। यदि आवेदक का जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले हुआ है, तो आयोग द्वारा निर्दिष्ट सूची का कोई भी दस्तावेज मान्य होगा। वहीं 1987 से 2004 के बीच जन्मे लोगों को खुद का या माता-पिता का ऐसा दस्तावेज देना होगा जो जन्म तिथि और स्थान प्रमाणित करे। 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे आवेदकों के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने राजनीतिक दलों को भी सक्रिय भागीदार बनाया है। 23 दिसंबर को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची की हार्ड और सॉफ्ट कॉपी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा जिन मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हो सके या जो घर पर नहीं मिले, उनकी अलग से सूची बनाकर साझा की जाएगी ताकि कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए। इन सभी प्रक्रियाओं और दावा-आपत्तियों के निराकरण के बाद 21 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 23 दिसंबर के बाद अपने नाम की जांच अवश्य करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी सहभागिता निभाएं।