233 साल पुरानी वाल्मीकि रामायण राम कथा संग्रहालय को भेंट की गई

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास वरखेड़ी ने एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक हस्तांतरण के तहत, तीन मूर्ति स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय (पीएमएमएल) की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र को वाल्मीकि रामायण (तत्त्वदीपिका टीका सहित) की 233 वर्ष पुरानी संस्कृत की एक दुर्लभ पांडुलिपि सौंपी।

डॉल्फ़िन के व्यापक क्षेत्र के आकलन का दूसरा अभियान बिजनौर से शुरू

भारत में डॉल्फ़िन के संरक्षण को आगे बढ़ाने के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने आज उत्तर प्रदेश के बिजनौर से प्रोजेक्ट डॉल्फ़िन के तहत नदी एवं मुहाना क्षेत्र में पाई जाने वाली डॉल्फ़िन का दूसरा व्यापक अनुमान शुरू किया है।

युवाओं में नेतृत्व और सेवा भाव का सशक्त मंच बनेगी राष्ट्रीय जंबूरी: मुख्यमंत्री साय

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज सिएम हाउस में पूर्व राज्यसभा सांसद एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन ने सौजन्य भेंट की।

जनगणना 2027 की तैयारियाँ छत्तीसगढ़ में तेज़

भारत की जनगणना-2027 देश की प्रथम डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें मोबाइल एप के माध्यम से डेटा संकलन किया जाएगा तथा संपूर्ण कार्य की मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन वेब-पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।

146 करोड़ के भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना का केन्द्रीय पर्यटन मंत्री शेखावत एवं मुख्यमंत्री साय कल करेंगे भूमिपूजन

छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थल भोरमदेव के लिए नया वर्ष 2026 एक ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ प्रारंभ होने जा रहा है। लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली ‘भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना’ का भूमिपूजन कल यानि 01 जनवरी को संपन्न होगा।

छत्तीसगढ़ के औद्योगिक नीति 2024–30 में महत्वपूर्ण संशोधन

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में महत्वपूर्ण संशोधनों को स्वीकृति प्रदान की गई है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘जशक्राफ्ट’ एवं जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति के कौशल की सराहना की

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने  गुमला (झारखंड) में आयोजित अंतर्राज्यीय जन-सांस्कृतिक समागम ‘कार्तिक जतरा’ कार्यक्रम में जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों से जुड़ी जनजातीय महिलाओं के कार्यों, कौशल और आत्मनिर्भरता की प्रशंसा की।

छत्तीसगढ़ में मंत्रीगणों एवं पुलिस अधिकारियों को गॉर्ड ऑफ ऑनर दिए जाने की परंपरा समाप्त

छत्तीसगढ़ राज्य के मंत्रीगणों और पुलिस के आला अधिकारियों को सामान्य दौरे, निरीक्षण, भ्रमण के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने की औपनिवेशिक परंपरा को समाप्त कर दिया गया है।