छत्तीसगढ़ में रेलवे का कायाकल्प: 11 वर्षों में पूंजीगत व्यय में हुई 22 गुना की अभूतपूर्व वृद्धि: वित्त मंत्री चौधरी

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने आज जिला मुख्यालय अंबिकापुर में केंद्रीय बजट 2026-27 का सीधा प्रसारण देखने के बाद कहा कि मोदी सरकार के पिछले 11 वर्षों के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ में रेलवे बुनियादी ढांचे के लिए पूंजीगत व्यय (Capex) में 22 गुना की वृद्धि हुई है। यह राज्य के औद्योगिक और सामाजिक विकास के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

केंद्र और राज्य सरकारों के बीच योजनाओं और परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए एक प्रभावी सेतु है प्रगति पोर्टल: मुख्यमंत्री साय

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है प्रगति प्लेटफॉर्म केंद्र और राज्य सरकारों के बीच विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए एक प्रभावी सेतु का कार्य कर रहा है।

बस्तर ओलंपिक की तर्ज पर सरगुजा ओलंपिक का होगा आयोजन; मुख्यमंत्री ने शुभंकर “गजरु” का किया अनावरण

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय में आयोजित एक समारोह में बस्तर ओलम्पिक की तर्ज पर आयोजित होने वाले सरगुजा ओलंपिक के प्रतीक चिन्ह (लोगो) एवं शुभंकर “गजरु” का अनावरण किया।

मुख्यमंत्री साय ने चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर का किया भूमि पूजन

छत्तीसगढ़ का बरसों पुराना सपना आज साकार हो गया है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी।

नई पीढ़ी को साहित्य की समझ सिखाने साहित्य उत्सव बहुत जरूरी: हरिवंश

छत्तीसगढ़ की साहित्यिक, बौद्धिक एवं वैचारिक चेतना को राष्ट्रीय विमर्श से जोड़ने पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव–2026 के पहले दिन आज राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश और साहित्य आज तक के संपादक जयप्रकाश पाण्डेय के बीच संवाद हुआ।

महिला साहित्यकारों के विशेष काव्य-पाठ सहित 90 से अधिक रचनाकारों ने की सहभागिता

रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के अंतर्गत महिला साहित्यकारों के विशेष काव्य-पाठ सहित काव्य एवं व्यंग्य के कई सत्र आज आयोजित किए गए, जिनमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न अंचलों से आए 90 से अधिक नवोदित एवं समकालीन रचनाकारों ने सहभागिता की।

साहित्य के लिए डिजिटल माध्यम चुनौती नहीं, बल्कि अवसर

रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के अंतर्गत “आदि से अनादि तक” थीम पर आयोजित सत्रों की श्रृंखला में अनिरुद्ध नीरव मंडप में “डिजिटल साहित्य : प्रकाशकों के लिए चुनौती” पर एक विचारोत्तेजक चर्चा सत्र संपन्न हुआ।