रायपुर, 05 अगस्त 20 26: देश के 37 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में से 33 विधानसभाओं ने राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (नेवा) के कार्यान्वयन के लिए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं और इनमें से 21 विधानसभाओं को नेवा परियोजना के तहत डिजिटल विधानसभाओं में परिवर्तित किया जा चुका है।
विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
नेवा परियोजना के अंतर्गत डिजिटल सदनों में परिवर्तित होने वाले 21 विधानसभा सदन हैं: पंजाब विधानसभा, ओडिशा विधानसभा, बिहार विधानसभा, बिहार विधान परिषद, नागालैंड विधानसभा, मणिपुर विधानसभा, तमिलनाडु विधानसभा, सिक्किम विधानसभा, त्रिपुरा विधानसभा, हरियाणा विधानसभा, मेघालय विधानसभा, मिजोरम विधानसभा, उत्तर प्रदेश विधानसभा, उत्तर प्रदेश विधान परिषद, गुजरात विधानसभा, पुडुचेरी विधानसभा, हिमाचल प्रदेश विधानसभा, उत्तराखंड विधानसभा, असम विधानसभा, राजस्थान विधानसभा और दिल्ली विधानसभा।
इस परिवर्तन को सुगम बनाने के लिए इन विधानसभाओं को केंद्र सरकार द्वारा 138.17 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
नेवा के सार्वजनिक पोर्टल भाषिणी द्वारा विकसित एआई-संचालित बहुभाषी अनुवाद उपकरणों से सुसज्जित हैं, जो सामग्री का अनुवाद 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में करने में सक्षम बनाते हैं।
राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के विधानमंडलों को विधायी कामकाज के संचालन के लिए एक मजबूत, सुरक्षित और लचीला डिजिटल वातावरण प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) सॉफ्टवेयर सूट में कई सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं।
लागू किए गए प्रमुख उपाय निम्नलिखित हैं:
नेवा सॉफ्टवेयर सुरक्षित एनआईसी मेघराज 2.0 क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर पर होस्ट किया गया है।
एक समर्पित आपदा रिकवरी साइट किसी भी प्रतिकूल घटना की स्थिति में डेटा की विश्वसनीय रिकवरी सुनिश्चित करती है।
सॉफ्टवेयर की सुरक्षा संबंधी कमजोरियों की पहचान करने और उन्हें दूर करने के लिए नियमित रूप से ऑडिट किए जाते हैं।
लॉगिन के लिए दो-कारक प्रमाणीकरण केवल अधिकृत उपयोगकर्ताओं तक ही पहुंच को सीमित करता है और संवेदनशील विधायी कार्यप्रणालियों के दुरुपयोग को रोकता है।