छत्तीसगढ़ में ‘ज्ञान’ और ‘गति’ के बाद इस बार ‘संकल्प’ का बजट

     रायपुर, 24 फरवरी, 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा में अपना तीसरा बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए विनियोग का आकार 01 लाख 87 हजार 500 करोड़ का है। सकल व्यय से ऋणों की अदायगी एवं पुनप्राप्तियों को घटाने पर शुद्ध व्यय 01 लाख 72 हजार करोड़ अनुमानित है। राजस्व व्यय 01 लाख 45 हजार करोड़ एवं पूंजीगत परिव्यय 27 हजार करोड़ है।

    चौधरी ने विधानसभा को बताया कि प्रदेश में अनुसूचित जनजाति वर्ग एव अनुसूचित जाति वर्ग के विकास के लिए आदिवासी उप योजना मद में 34 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति विशेष घटक योजना मद अंतर्गत 12 प्रतिशत राशि का प्रावधान किया गया है।

     वर्ष 2026-27 के बजट में सामाजिक क्षेत्र के लिये 40 प्रतिशत, आर्थिक क्षेत्र के लिये 36 प्रतिशत एवं सामान्य सेवा क्षेत्र के लिये 24प्रतिशत का प्रावधान किया गया है।

Naya Vidhan Sabha (Assembly) Bhavan Naya Raipur

     राजकोषीय स्थिति कि चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 में राज्य का सकल वित्तीय घाटा 28 हजार 900 करोड अनुमानित है। जिसमें केन्द्र से पूंजीगत व्यय हेतु विशेप सहायता ऋण 8 हजार 500 करोड़ शामिल है। राज्य का शुद्ध वित्तीय घाटा 20 हजार 400 करोड़ होगा। जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 2.87 प्रतिशत है।

     उन्होंने कहा राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियां 1 लाख 43 हजार करोड़ एवं कुल राजस्व व्यय 1 लाख 45 हजार करोड़ अनुमानित है। अतः वर्ष 2026-27 में कुल 2 हजार करोड़ का राजस्व घाटा (Revenue Deficit) अनुमानित है।

     साथ ही वित्त मंत्री ने घोषणा कि बीजेपी के संकल्प पत्र के अनुरूप आगामी वर्ष से महिलाओं के नाम से अचल सम्पत्ति क्रय पर भारित पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दिया जाना प्रस्तावित है।

     अपने बजट पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ 2047 हमारा दीर्घकालिक लक्ष्य है, जिसकी प्राप्ति के लिए हमने 2030 के मध्यकालिक लक्ष्य को भी निर्धारित किया है, हम एक स्पष्ट रोड-मैप के साथ इस ओर आगे बढ़ रहे हैं। इसी पथ पर हमारा प्रत्येक बजट आगे बढ़ता हुआ एक-एक कदम है।

     उन्होंने कहा कि हमारे विकास यात्रा का केन्द्र बिंदु GYAN रहा है, जिसके उत्थान के लिए GATI की रणनीति पिछले बजट में अपनायी गई थी तथा GYAN के कल्याण के लिए इस बार हमारे बजट का थीम SANKALP है, जो कि जनता-जनार्दन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को, निष्ठा को, समर्पण और दृढ़संकल्प को रेखांकित करता है।

     चौधरी ने बताया कि कोई भी लक्ष्य पूरा होता है संकल्प से; क्षमता कम या ज्यादा हो लेकिन यदि दृढ़ इरादा हो, संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी लक्ष्य संकल्पवान के सामने नतमस्तक हो जाता है।

यहाँ SANKALP का आशय है

S समावेशी विकास
A अधोसंरचना
N निवेश
K कुशल मानव संसाधन
A अन्त्योदय
L लाईवलीहुड
P पॉलिसी से परिणाम तक

     वित्त मंत्री ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद से मुक्ति किसी की भी कल्पनाओं से परे थी, लेकिन “नये भारत के लौह पुरूप” देश के गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प लिया और इसे कर के दिखा रहे हैं। अब जब नक्सलवाद का सूर्यास्त हो रहा है ऐसे में सरकार का कर्तव्य है कि क्षेत्रीय विषमताओं को समाप्त करते हुए बस्तर के विकास पर अपने प्रयासों को केन्द्रित करें।

     सरकार दंतेवाड़ा कि एजुकेशन सिटी की अनुभव से प्रेरित होकर नक्सलवाद के गढ़ कहे जाने वाले अबूझमाड़ एवं जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी की स्थापना करने जा रहे हैं। जो जगह नक्सलियों का गढ़ हुआ करता था, वह अब शिक्षा के केन्द्र का पर्याय बनेगा; बस्तर के युवाओं के सिर पर गौर सींग भी दिखेगा और गले में स्टेथोस्कोप भी। हमने दोनों एजुकेशन सिटी के लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया है।

     पिछले बजट भापण में छत्तीसगढ़ होम स्टे पॉलिसी लाने का वायदा किया गया था, जिसे अमल में लाया जा चुका है। इसका सर्वाधिक लाभ बस्तर सरगुजा को होगा। इसके लिए बजट में 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

     सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं के स्तर में उन्नयन करने के लिए जगदलपुर में सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल की शुरूआत की है तथा बस्तर एवं सरगुजा में स्वास्थ्य सुविधाओं का और विस्तार हो, इसके लिए कुनकुरी, मनेन्द्रगढ़ एवं दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने का निर्णय लिया है, जिनके संचालन के लिए 50 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है।

     उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के घोपणा के अनुरूप सरगुजा-जशपुर विकास प्राधिकरण की राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ तथा बस्तर विकास प्राधिकरण के लिए 75 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर और सरगुजा का भाग्योदय हो रहा है और इन क्षेत्रों में, सभी तरह के नेटवर्क का विकास, खेल, स्वास्थ्य, शिक्षा के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं, वो सब हमारे समावेशी विकास के संकल्प का चित्रण करते हैं।

      बजट में महतारी वंदन योजना के लिए 8,200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 120 करोड़ तथा मिशन वात्सल्य योजना के लिए 80 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

     चौधरी ने कहा कि इस बजट में रानी दुर्गावती योजना प्रारंभ करने जा रहे हैं, जिसके माध्यम से नोनी के 18 वर्ष पूरे होने पर उसे 1.5 लाख रूपये दिया जाएगा। इसके लिए 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

     शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के माध्यम से न केवल शासकीय अस्पताल बल्कि गैर शासकीय अस्पतालों में भी 5 लाख रूपये तक निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। इस योजना के लिए 1,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

     इसके साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत मितानिन कल्याण निधि के लिए 350 करोड़
PM ABHIM के लिए 190 करोड़, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए 183 करोड़, राष्ट्रीय आयुष मिशन के लिए 120 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

     इस वर्ष लोक निर्माण विभाग अंतर्गत लगभग 9,450 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।

साथ ही रायपुर शहर में विद्युत लाईनों को अंडरग्राउंड किये जाने के लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। रायपुर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने हेतु भी जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम मिलकर कार्य करेंगे एवं इसके लिए अतिरिक्त फंड प्रदाय किया जाएगा।

     जल संसाधन विभाग के पूंजीगत प्रावधान में ऐतिहासिक वृद्धि करते हुए 3,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

     घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देने के लिए इस बजट में 800 करोड़ का प्रावधान है। साथ ही बीपीएल उपभोक्ताओं को निःशुल्क बिजली देने हेतु 354 करोड़ का प्रावधान है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत केन्द्रीय अनुदान के साथ राज्य सरकार के अतिरिक्त अनुदान हेतु 400 करोड़ का भी प्रावधान किया गया है।

     पिछले बजट में नगर निगमों में विकास के लिए मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना प्रारंभ की गयी थी। इस बजट में नगरपालिकाओं एवं नगर पंचायतों के समग्र विकास के लिए नगरोत्थान योजना की तर्ज पर, एक नई योजना मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना प्रस्तावित है, जिसके लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

     इसके अतिरिक्त समस्त नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए 750 करोड़, नगरोत्थान योजना के लिए 450 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 हेतु 800 करोड़ तथा मिशन अमृत योजना अंतर्गत 512 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

     वर्ष 2024-25 में उद्योग विभाग का बजट 648 करोड़ था जो बढ़कर इस वर्ष 1,750 करोड़ हो रहा है। राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु उद्योगों की सब्सिडी हेतु प्रावधानित बजट में तीन गुना वृद्धि की गयी है तथा इस बार अनुदान एवं प्रतिपूर्ति हेतु 750 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। नवीन औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना हेतु लैंड बैंक तैयार करने के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

     सरकार ने मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना अंतर्गत बजट में 5,000 करोड़ का प्रावधान किया है एवं संपूर्ण पोपण सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चना, शक्कर, फोर्टिफाइड राईस, गुड़ तथा आयोडाईज्ड नमक के लिए 1,000 करोड़ का प्रावधान रखा है।

     सामाजिक सुरक्षा सहायता अंतर्गत विभिन्न पेंशन योजनाओं हेतु कुल 1,422 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

     राज्य के सभी 33 जिलों में नशा मुक्ति केन्द्रों के संचालन के लिए 20 करोड़ का प्रावधान है।
उभयलिंगी कल्याण बोर्ड के लिए भी बजटीय प्रावधान किया गया है।

     असंगठित श्रमिक सुरक्षा एवं कल्याण हेतु 128 करोड़ का प्रावधान है। भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के अन्तर्गत 600 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

     राज्य सरकार ने खरीफ सीजन 2025-26 में 142 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी को मिलाते हुए पिछले तीन खरीफ सीजन में 437 लाख मीट्रिक टन धान की ऐतिहासिक खरीदी की है। जिससे किसानों के खाते में लगभग 1 लाख 40 हजार करोड़ से अधिक का भुगतान संभव हो रहा है। फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसे फसलों को भी कृषक उन्नति योजना में शामिल किया गया है। कृषक उन्नति योजना के लिए इस बजट में 10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

     धान खरीदी में मार्कफेड की महती भूमिका रहती है, इसलिए मार्कफेड को धान उपार्जन हेतु 6,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

    किसानों को कृषि पंपों के लिए निःशुल्क विद्युत प्रदाय करने हेतु 5,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़, एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम के लिए 170 करोड़, कृषक समग्र विकास योजना के लिए 150 करोड़, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 130 करोड, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 130 करोड़ का प्रावधान है।

     प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत इस वर्ष 1,700 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है। जिसमें 70 नवीन सड़कों एवं 21 पुल जैसे कार्य भी शामिल हैं।

     वित्त मंत्री ने कहा कि उन्होंने लोगों के आवास के अधिकार की लड़ाई लड़ी थी, मोर आवास-मोर अधिकार का अभियान चलाया था और जबसे उनकी सरकार आई है, 26 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की है। इस बजट में भी प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) हेतु 4,000 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।

     बस्तर में इस वर्ष 1587 पदों पर बस्तर फाईटर बल हेतु भर्ती की अनुमति दी और आगामी साल में भी बस्तर फाईटर के लिए 1500 नवीन पदों का प्रावधान रखा है। पिछले 2 वर्षो में राज्य सरकार ने गृह विभाग के लिए लगभग 6,000 पदों का सृजन किया है एवं 4,000 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की है।

     वनोपज संग्राहकों एवं वन प्रबंधन समितियों की बेहतर आय निरंतर बनी रहे, इसके लिए वनों के संरक्षण हेतु 930 करोड़ का प्रावधान रखा गया है, इसके साथ ही वन विभाग में 1,000 से अधिक पदों के सृजन हेतु भी प्रावधान किया गया है।

     इस वर्ष योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए जन संपर्क विभाग का कुल बजट 475 करोड़ रखा गया है।      राज्य के शासकीय सेवकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की नई योजना प्रारंभ करने जा रहे हैं। इस योजना में ई-हेल्थ कार्ड के माध्यम से कर्मचारी कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए 100 करोड़ का बजटीय प्रावधान रखा गया है।

     चौधरी ने कहा कि विकास के जिस रफ्तार की परिकल्पना उन्होंने की है, उसे एक सामान्य ग्रोथ रेट से प्राप्त नहीं किया जा सकता; इसके लिए आवश्यकता है कि चिन्हांकित क्षेत्रों में मिशन मोड में काम किया जाए। इस उद्देश्य से इस बजट के माध्यम से 5 मिशन लाँच करने जा रहे हैं। प्रत्येक मिशन के लिए अगले 5 वर्षों तक प्रतिवर्ष कम से कम 100-100 करोड़ की राशि का प्रावधान करेंगे वो हैं मुख्यमंत्री AI मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन, और मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप एवं NIPUN मिशन