मंदिर के स्वर्ण भंडारों के मुद्रीकरण को लेकर किए गए झूठे दावों पर स्पष्टीकरण

Union Finance Ministry

     रायपुर, 20 मई 2026: भारत सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि देश भर में मंदिर ट्रस्टों या किसी भी धार्मिक संस्था के पास मौजूद सोने के मुद्रीकरण की योजना शुरू करने की सरकार की योजनाओं से संबंधित अटकलें और अफवाहें पूरी तरह से झूठी, भ्रामक और निराधार हैं।

     वित्त मंत्रालय ने कहा है कि कुछ मीडिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट में यह दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार मंदिरों के स्वर्ण भंडार के बदले में मंदिरों को स्वर्ण बांड जारी करने की योजना बना रही है या मंदिरों के स्वर्ण भंडार के मुद्रीकरण के लिए एक प्रस्ताव को स्‍वीकृति दे दी गई है।

     वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश भर में मंदिर ट्रस्टों या किसी भी धार्मिक संस्था के पास मौजूद सोने के मुद्रीकरण की योजना शुरू करने की सरकार की योजनाओं से संबंधित अटकलें और अफवाहें पूरी तरह से झूठी, भ्रामक और निराधार हैं।

     यह भी स्पष्ट किया जाता है कि मंदिर के टावरों, दरवाजों या अन्य मंदिर संरचनाओं पर लगी सोने की प्लेटों को “भारत का रणनीतिक स्वर्ण भंडार” माना जाने का दावा भी पूरी तरह से झूठा, भ्रामक और निराधार है।

     भारत सरकार ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे ऐसी अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें फैलाएं। अपुष्ट जानकारी फैलाने से अनावश्यक भ्रम पैदा होता है और जनता गुमराह हो सकती है।

     सरकार सभी नागरिकों से आग्रह करती है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। नीतिगत निर्णयों या सरकारी योजनाओं से संबंधित कोई भी जानकारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी वेबसाइटों और सत्यापित सार्वजनिक संचार प्लेटफार्मों के माध्यम से साझा की जाएगी।